About Us

“PROVIDING A HEALTHY LIFE STYLE AND THOROUGH EDUCATION TO CHILD IS PRIORITY OF OURS.”

Childhood is the most valuable moment of life. Unfortunately due to lack of basic amenities provided to a child many of them are able to live up to normal life.

Anandam as an organization is founded on grounds of helping children who are not able to get basic amenities just to survive long enough till adoslecent age.

आनन्दम् का संकल्प बचपन जीवन का बहुमूल्य क्षण होता है । दुर्भाग्य से भारत में अभाव के कारण कुछ बच्चों का जीवन नारकीय हो जाता है । “आनन्दम् “संस्था ने उनकी सेवा करने का संकल्प लिया है । यदि आप भी सहयोगी बन जाये और एक बालक या बालिका का भी बचपन को खुशियों से भर दें तो किसी का बहुमूल्य बचपन आनन्दित हो जाएगा । भरपूर भोजन, उत्तम चारित्रिक शिक्षा और उत्तम स्वास्थ्य ही सुन्दर बचपन का अनिवार्य अंग है । उड़ीसा, बिहार, मध्यप्रदेश जैसे पिछड़े क्षेत्रों में बाल प्रतिभा धन के अभाव में लुप्त हो जाती है । ऐसे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर भी नीचे है । कुछ क्षेत्रों में तो अभी भी शिक्षा है ही नहीं । ऐसे स्थानों पर शिक्षण व्यवस्था में हमारी संस्था ध्यान दे रही है । संगठित होकर काम करें तो यह अभियान देश और समाज को शक्ति प्रदान करती है । देश सेवा और मानवता की सेवा का अवसर भी मिलता है ।

India still has most malnourished childrens around the globe.

Orissa, Bihar, Madhya Pradesh are India's most malnourished states of the country but has most gifted students but due to lack of monetary help and infrastructure. They are not able to showcase their ability hence further more reducing the overall literacy rate in these areas. We are currently focussing on these areas as we want to eradicate the illiteracy from these areas. Helping them would be a help to the country. A well educated country would be a well developed country.

History : Dr. gajanand arya has studied in the most rural and backward parts of Orissa . Kalahandi is one of the most backward parts of india education and basic medical attention are still not up to the standards . He has seen this situation very closely . He started his education in gurukul ashram in Orissa there he is studied up till shastri and for higher studies he moved to New delhi. He is been working with ARYA SAMAJ since and different societies for welfare of people . He is always providing scholarships ,helping with his services and donating useful items to different societies . He is constantly organizing food distribution camps around the year and free medical camps for needy people . To work at larger level he registered this organization for better exposure towards people .

डॉ. गजानन्द आर्य शास्त्री जी की शिक्षा

भारत में उड़ीसा के सबसे पिछड़े क्षेत्र में हुआ है । कालाहाण्डी जिला भारतवर्ष का सबसे पिछ़डा क्षेत्र ही रहा है । अब भी यह क्षेत्र शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत पिछड़ा है । उन्होनें इसे करीबी से देखा है । आमसेना गाँव में एक गुरूकुल आश्रम शिक्षा की शुरूआत हुई । वहीं पर शास्त्री तक अध्ययन किया तथा उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली आ गये । वे 1982 से ही आर्यसमाज एवं भिन्न-भिन्न सामाजिक क्षेत्र में सेवा कर रहे हैं । अनेक संस्थाओं में छात्रवृत्ति एवं शिक्षा के उपयोगी वस्तुओं का दान निरन्तर करते रहते हैं । वर्षभर अनेक लोगों की सहायता से भोजन वितरण भी करते रहते हैं । स्वास्थ्य हेतु निःशुल्क उपचार के लिए दान करना उनका संकल्प है । इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था का रजिस्ट्रेशन कराया और संस्था के माध्यम से निरन्तर सेवा कर रहे हैं । भारत वर्ष के अनेक स्थानों की सेवा यात्रा करते हुए मानवता की सेवा का संकल्प ले रखा है ।

Eradicating Malnourishment in the children is our resolution .Good health is a very important aspect of being living and to provide a healthy lifestyle is also our motive . in today’s youths and adolescents there lot of anger and have no direction towards their life goals .We organize also seminar for children help them achieving there goals and helping them in mind balancing m and result so far are promising . And with your help we can achieve alot.

बच्चों के कुपोषण को दूर करना हमारा संकल्प है । स्वास्थ्य का उत्तम होना हर एक के लिए अनिवार्य है । अतः इस क्षेत्र में भी विस्तृत सेवा का संकल्प लिया हुआ है । आज के युवाओं तथा किशोरों में एक दिशा विहीनता तथा आक्रोश भरा हुआ है । जिसके कारण अपनी हानि एवं परिवार की हानि कर लेते है । उनकी अपनी पहचान को बताने के लिए और आध्यात्म के माध्यम से उन्हें संतुलित किया जा रहा है । जिसके लिए हमारी संस्था समय-समय पर सेमिनार आयोजित करती रहती है । जिसका परिणाम अच्छा आ रहा है। यदि आप भी सहभागी बन जाये तो मिलकर यह कार्य और अधिक तीव्र-गति से आगे बढ़ता रहेगा । यह हमारा संकल्प है कि आप और हम मिलकर बहुत कुछ देश और समाज को दे सकते हैं ।

Aanandam Bhavan